उत्तर प्रदेशकानपुर

5 साल के मासूम को सांप ने डसा, परिजनों की सूझबूझ से बच गई जान

कानपुर के घाटमपुर में 5 वर्षीय मासूम को जहरीले सांप ने डस लिया। परिजनों ने घबराने के बजाय सांप की फोटो लेकर बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने तस्वीर देखकर सही इलाज शुरू किया और समय पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) देने से मासूम की जान बच गई। अब बच्चे की हालत खतरे से बाहर है।

Kanpur News: कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में एक पांच वर्षीय बच्चे की जान उस समय खतरे में पड़ गई, जब खेलते-खेलते उसे एक जहरीले सांप ने काट लिया। हालांकि परिजनों ने घबराहट में कोई गलत कदम उठाने के बजाय सूझबूझ दिखाई और बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। खास बात यह रही कि परिजन सांप की तस्वीर भी अपने मोबाइल में लेकर पहुंचे, जिससे डॉक्टरों को उसकी पहचान करने और तत्काल सही उपचार शुरू करने में मदद मिली। समय रहते एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) दिए जाने से मासूम की जान बच गई और अब उसकी हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।

खेलते समय हुआ जहरीले सांप का हमला

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार घाटमपुर क्षेत्र के मुगुलपुर गांव निवासी सौरभ सचान का पांच वर्षीय बेटा सात्विक सचान शनिवार रात अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान झाड़ियों से निकले एक जहरीले सांप ने उसके पैर में काट लिया। सांप के डसते ही बच्चा दर्द से चीख पड़ा। आवाज सुनकर परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को संभाला।


झाड़-फूंक के बजाय अपनाया सही तरीका

 

इस पूरी घटना के बाद परिजनों ने किसी तरह की झाड़-फूंक या घरेलू उपचार का सहारा नहीं लिया। उन्होंने पहले सुरक्षित दूरी से सांप की तस्वीर मोबाइल में कैद की और फिर बिना देरी किए बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घाटमपुर लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की फोटो दिखाई गई, जिससे उन्हें सांप की पहचान करने और इलाज की दिशा तय करने में आसानी हुई।

डॉक्टरों ने तुरंत दिया एएसवी इंजेक्शन

 

सीएचसी में मौजूद चिकित्सकों ने बच्चे की जांच करने के बाद सांप की तस्वीर के आधार पर आवश्यक उपचार शुरू किया। बच्चे को तत्काल एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगाया गया और कुछ समय तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। समय पर इलाज मिलने का असर जल्द दिखाई दिया और बच्चे की हालत में लगातार सुधार होने लगा। चिकित्सकों के अनुसार यदि अस्पताल पहुंचने में देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।


बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा

 

घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. पवन सचान ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर के आसपास झाड़ियों की नियमित सफाई करें और बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न खेलने दें, जहां सांप छिपे होने की आशंका हो।

सांप काटने पर क्या करें?

 

इस घटना के बाद डॉक्टरों ने सलाह दी कि सांप काटने की स्थिति में किसी भी तरह के अंधविश्वास, झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं, ताकि समय पर इलाज मिल सके। यदि बिना जोखिम उठाए संभव हो तो सुरक्षित दूरी से सांप की फोटो या उसकी पहचान संबंधी जानकारी डॉक्टरों को दें, लेकिन सांप को पकड़ने या उसके पास जाने का प्रयास बिल्कुल न करें। समय पर चिकित्सा ही ऐसी घटनाओं में जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।


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